Friday, May 7, 2010

शोला था जल-बुझा हूँ - अहमद फराज

( ऑडीओ - व्हीडीओ सहित )
शोला था जल-बुझा हूँ हवायें मुझे न दो
मैं कब का जा चुका हूँ सदायें मुझे न दो ॥

जो ज़हर पी चुका हूँ तुम्हीं ने मुझे दिया
अब तुम तो ज़िन्दगी की दुआयें मुझे न दो ॥१॥

ऐसा कहीं न हो के पलटकर न आ सकूँ
हर बार दूर जा के सदायें मुझे न दो ॥२॥

कब मुझ को ऐतेराफ़-ए-मुहब्बत न था 'फ़राज़'
कब मैं ने ये कहा था सज़ायें मुझे न दो ॥३॥

गायक - मेहेंदी हसन


( Shola tha jal buza hun , hawae muze na do )

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